
लक्ष्मण बलवन्त भोपटकर-गोरखपुर (1946)
लक्ष्मण बलवन्त भोपटकर (1880- 24 अप्रैल 1960) भारत के एक राजनेता, पत्रकार एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता थे। वे 1934 से 1942 तक अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे। गांधी हत्याकांड में उन्होने विनायक

लक्ष्मण बलवन्त भोपटकर (1880- 24 अप्रैल 1960) भारत के एक राजनेता, पत्रकार एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता थे। वे 1934 से 1942 तक अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे। गांधी हत्याकांड में उन्होने विनायक

डॉ नारायण भास्कर खरे (19 मार्च 1884 पनवेल – 1970) भारत के एक राजनेता थे। वे अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे। डॉ॰ नारायण

राजा रामपाल सिंह (22 अगस्त 1849 – 28 फरवरी 1909) 1885 से 1909 तक अवध के कालाकांकर एस्टेट (अब प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश में ) के शासक थे। रामपाल सिंह कांग्रेस समर्थक थे। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

तिलक हमेशा मस्तिष्क के केंद्र पर लगाया जाता है. तिलक को मस्तिक के केंद्र पर लगाने पीछे कारण ये है कि हमारे शरीर में 7

राजा मणिन्द्र नाथ नन्दी (29 मई 1860 – 12 मई 1929) १८९८ से १९२९ तक कासिमबाजार राज्य के राजा थे। ज्ञात हो कि कासिम बाज़ार

आज के समय में गाय का आर्थिक सुदृणीकरण केवल दूध के आधार पर नहीं किया जा सकता बल्कि उससे प्राप्त होने वाले पंचगव्य और गोमूत्र

लाला लाजपत राय (28 जनवरी 1865– 17 नवम्बर 1928) भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्हें पंजाब केसरी भी कहा जाता है। इन्होंने पंजाब

नरसिंहन चिंतामन केलकर या तात्यासाहेब केलकर (२४ अगस्त, १८७२- १४ अक्तूबर, १९४७) एक उल्लेखानीय साहित्यकार थे जिन्हें ‘साहित्य-सम्राट’ की उपाधि से अलंकृत किया गया था।

डॉ बालकृष्ण शिवराम मुंजे (१२ दिसम्बर १८७२ – ३ मार्च १९४८) भारत के एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा हिन्दू महासभा के सदस्य थे। वे सन

रामानन्द चट्टोपाध्याय (1865 – 1943) कोलकाता से प्रकाशित पत्रिका ‘मॉडर्न रिव्यू’ के संस्थापक, संपादक एवं मालिक थे। उन्हें भारतीय पत्रकारिता का जनक माना जाता है।