
बाबा पंडित नन्द किशोर जीवन परिचय
अखिल भारत हिन्दू महासभा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा पंडित नन्द किशोर मिश्र का जन्म 11 अप्रैल 1951 को ग्राम नरहनी संवत 2000 चैत्र शुक्ल

अखिल भारत हिन्दू महासभा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा पंडित नन्द किशोर मिश्र का जन्म 11 अप्रैल 1951 को ग्राम नरहनी संवत 2000 चैत्र शुक्ल

डॉ नारायण भास्कर खरे (19 मार्च 1884 पनवेल – 1970) भारत के एक राजनेता थे। वे अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे। डॉ॰ नारायण

राजा मणिन्द्र नाथ नन्दी (29 मई 1860 – 12 मई 1929) १८९८ से १९२९ तक कासिमबाजार राज्य के राजा थे। ज्ञात हो कि कासिम बाज़ार

लाला लाजपत राय (28 जनवरी 1865– 17 नवम्बर 1928) भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्हें पंजाब केसरी भी कहा जाता है। इन्होंने पंजाब

नरसिंहन चिंतामन केलकर या तात्यासाहेब केलकर (२४ अगस्त, १८७२- १४ अक्तूबर, १९४७) एक उल्लेखानीय साहित्यकार थे जिन्हें ‘साहित्य-सम्राट’ की उपाधि से अलंकृत किया गया था।

डॉ बालकृष्ण शिवराम मुंजे (१२ दिसम्बर १८७२ – ३ मार्च १९४८) भारत के एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा हिन्दू महासभा के सदस्य थे। वे सन

रामानन्द चट्टोपाध्याय (1865 – 1943) कोलकाता से प्रकाशित पत्रिका ‘मॉडर्न रिव्यू’ के संस्थापक, संपादक एवं मालिक थे। उन्हें भारतीय पत्रकारिता का जनक माना जाता है।

डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी (जन्म: 6 जुलाई 1901 – मृत्यु: 23 जून 1953) शिक्षाविद्, चिन्तक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। जीवन वृत्त 6 जुलाई 1901

भाई परमानन्द (जन्म: ४ नवम्बर १८७६ – मृत्यु: ८ दिसम्बर १९४७) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रान्तिकारी थे। भाई जी बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी थे।

मदन मोहन मालवीय (25 दिसम्बर 1861 – 12 नवंबर 1946) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता तो थे ही इस युग के आदर्श पुरुष भी थे।

विनायक दामोदर सावरकर (जन्म: 28 मई 1883 – मृत्यु: 26 फरवरी 1966) भारत के क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, समाजसुधारक, इतिहासकार, राजनेता तथा विचारक थे। उनके समर्थक

स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती भारत के शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा आर्यसमाज के संन्यासी थे जिन्होंने स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं का प्रसार किया। वे भारत

भारती कृष्णतीर्थ जी महाराज (14 मार्च 1884 – 2 फ़रवरी 1960) जगन्नाथपुरी के शंकराचार्य थे। शास्त्रोक्त अष्टादश विद्याओं के ज्ञाता, अनेक भाषाओं के प्रकांड पंडित

दीन दयाल शर्मा,भारत के उत्तर प्रदेश की प्रथम विधानसभा सभा में विधायक रहे। 1952 उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में इन्होंने उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर

डॉ शंकराचार्य कुर्तकोटि (महाभागवत) एक महान साधक थे। उन्होंने वेदांत ग्रंथों का गहन अध्ययन किया था। उनका मूल नाम लिंगन गौड़ा मेलगिरिगौड़ा पाटिल था। उनका